असम में नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन राजनीतिक माहौल और गरमा गया, जब मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर तीखा और विवादित हमला बोला. उन्होंने कहा कि अगर गौरव गोगोई पाकिस्तान में चुनाव लड़ें तो उन्हें ज़्यादा वोट मिलेंगे.
यह बयान उस समय आया जब सरमा गोलाघाट में भाजपा–एजीपी गठबंधन के उम्मीदवारों के नामांकन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने शुरुआत में सभी उम्मीदवारों को नामांकन के अंतिम दिन के लिए शुभकामनाएं दीं.
असम में प्रो-इंकंबेंसी की लहर
सरमा ने दावा किया कि पूरे असम में राजनीतिक माहौल सत्तारूढ़ गठबंधन के पक्ष में है. उन्होंने कहा, ‘पिछले 10 दिनों में जो मैंने देखा है, उससे साफ है कि भाजपा और उसके सहयोगी दल इस बार फिर सरकार बनाएंगे और पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ेंगे.’ उन्होंने चुनावी मौसम में दल-बदल को सामान्य बताते हुए कहा कि 10–12 उम्मीदवारों का पार्टी बदलना कोई बड़ी बात नहीं है और यह पिछले चुनावों की तुलना में कम है.
मजबूत सरकार बनेगी-सरमा
हालांकि उन्होंने सीटों की सटीक संख्या बताने से इनकार किया, लेकिन एक बहुत मजबूत सरकार बनने का भरोसा जताया. उन्होंने कहा, “मैं सीटों की संख्या नहीं बता सकता, लेकिन जिन सीटों पर पहले हमें हार की आशंका थी, वहां भी अब माहौल हमारे पक्ष में होता दिख रहा है.”
कांग्रेस–राइजोर दल गठबंधन पर निशाना
विपक्ष पर हमला बोलते हुए सरमा ने कांग्रेस और राइजोर दल के गठबंधन को बहुत देर से बना और अप्रभावी बताया. उन्होंने कहा, ‘उन्होंने गठबंधन बहुत देर से किया. उनके पास साथ में प्रचार करने या संयुक्त सभाएं करने का समय ही नहीं बचा. मुझे लगता है कि यह गठबंधन सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहेगा.’ उन्होंने शिवसागर सीट पर भाजपा और एजीपी के बीच मैत्रीपूर्ण मुकाबले का भी जिक्र किया.
गौरव गोगोई के नेतृत्व पर सवाल
सरमा ने गौरव गोगोई की नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल उठाते हुए कांग्रेस में हो रहे दल-बदल को आंतरिक कमजोरी से जोड़ा. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस भारतीय राजनीति की जननी रही है, लेकिन वह अपने नेताओं को क्यों नहीं रोक पा रही? अगर गौरव गोगोई खुद विफलता स्वीकार करते हैं तो यह दिखाता है कि वह योग्य नेता नहीं हैं.
APSC भर्ती और भ्रष्टाचार का मुद्दा
सरमा ने शासन से जुड़े मुद्दों पर भी बात करते हुए भाजपा सरकार की तुलना पिछली कांग्रेस सरकार से की, खासकर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर. उन्होंने कहा, ‘एक समय था जब एपीएससी के जरिए नौकरी पाने के लिए लोगों को करोड़ों रुपये रिश्वत देनी पड़ती थी. आज किसी को कुछ भी देने की जरूरत नहीं है. जनता जानती है कि ईमानदारी कहां है.’
विवादित टिप्पणी से बढ़ी सियासी गर्मी
सरमा ने एक और तीखा तंज कसते हुए कहा, ‘मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं, लेकिन अगर वे पाकिस्तान में चुनाव लड़ें तो उन्हें ज्यादा वोट मिल सकते हैं.’ मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर सकती है और असम में चुनावी माहौल को और अधिक गरमा सकती है, क्योंकि प्रचार अपने निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है.
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