पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव के बीच देश में LPG की किल्लत की अफवाहें तेजी से फैल रही हैं. इन खबरों को लेकर आम लोगों में डर का माहौल बन गया है, लेकिन केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि घरेलू उपभोक्ताओं को LPG की कोई कमी नहीं होगी.
केंद्रीय गृह सचिव ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और DGP के साथ एक अहम बैठक की. इस बैठक में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के सचिव भी मौजूद रहे.
सरकार ने 8 मार्च 2026 को LPG कंट्रोल ऑर्डर जारी किया था. इसके तहत सभी रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को निर्देश दिया गया है कि वे LPG उत्पादन अधिकतम करें और घरेलू उपभोक्ताओं की सप्लाई को प्राथमिकता दें. इस आदेश के तहत होटलों और रेस्टोरेंट जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को LPG सप्लाई पर पाबंदी लगाई गई है. हालांकि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को इससे बाहर रखा गया है उनकी सप्लाई पहले की तरह जारी रहेगी.
केंद्र ने राज्यों को क्या निर्देश दिए?
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कहा गया है कि —
-LPG सप्लाई चेन की सुरक्षा बढ़ाएं
-रोज़ाना सप्लाई की निगरानी करें
-नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें
-ऑयल मार्केटिंग कंपनीज के ज़रिए जागरूकता अभियान चलाएं ताकि अफवाहें न फैलें
सोशल मीडिया पर भी नजर
राज्यों को यह भी कहा गया है कि सोशल मीडिया पर नजर रखें और जो भी पुरानी या बेबुनियाद खबरें फैलाकर अफरातफरी फैलाने की कोशिश हो रही है, उसे तुरंत हटाएं.
गृह मंत्रालय का कंट्रोल रूम 24×7 एक्टिव
गृह मंत्रालय ने अपना कंट्रोल रूम और मज़बूत कर लिया है. यह 24 घंटे, 7 दिन काम कर रहा है. इसमें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय के नोडल अधिकारियों को भी शामिल किया गया है ताकि किसी भी अफवाह की तुरंत जांच हो सके और राज्यों को फौरन सही जानकारी दी जा सके.
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