मेघालय विधानसभा में मंगलवार को अनोखी और दिल छू लेने वाला वाकया नजर आया. यहां प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री कॉनरॉड के संगमा और उनकी पत्नी एनपीपी से विधायक मेहताब चांदी ए संगमा के बीच अच्छी बहस देखने को मिली. विधायक मेहताब चांदी ए संगमा ने रुके हुए पशु चिकित्सा प्रशिक्षण केंद्र प्रोजेक्ट पर सवाल किया था.
प्रश्नकाल के दौरान गैम्बेग्रे के विधायक मेहताब चांदी ए संगमा ने एक वेटेरिनरी कॉलेज, दो फिशरी कॉलेज और एक डेयरी कॉलेज की विकास गति पर सफाई मांगी थी. इन्हें साल 2022 में कैबिनेट ने मंजूरी दी थी. साथ ही राज्यभर के वेटेरिनरी ट्रेनिंग सेंटर्स में मैनपावर की कमी पर भी चिंता जताई.
मुख्यमंत्री ने क्या जानकारी दी?
इसपर मुख्यमंत्री कॉनरॉड के संगमा ने मुस्कुराते हुए कहा कि प्रस्तावित इंस्टीट्यूशन्स का मकसद मेघालय के पशुधन सेक्टर को मजबूत करना है. उन्होंने कहा कि ये तीन कॉलेज थे, जिनके बारे में हमने तुरंत जरूरत को ध्यान में रखते हुए तय किया है. यह ध्यान में रखते हुए कि राज्य की एक बड़ी आबादी पशुपालन में लगी हुई है. यह निश्चित रूप से चिंता की बात है. मैनपावर की कमी को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि खाली जगहों को भरने की प्राथमिकता होगी. साथ ही कहा कि डिटेल्स प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने में देरी हुई है, इसकी वजह जमीन की पहचान और मैनपावर की जरूरतों की वजह से प्लानिंग के कारण प्रोसेस में समय लगा.
In Meghalaya Assembly, an MLA questioned her own husband, CM Conrad Sangma, on the floor of the House.
It showed that in a real democracy, public accountability comes before personal relationships.
That’s what institutional integrity looks like. pic.twitter.com/UtnCedMBPq— ruchi kokcha (@ruchikokcha) February 26, 2026
800 एकड़ में बनना है वेटेरिनरी कॉलेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित वेटेरिनरी कॉलेज के लिए री-भोई किरदेमकुलई में लगभग 800 एकड़ जमीन की पहचान की गई है. इस प्रोजेक्ट में लगभग 334 करोड़ रुपए खर्च होने के अनुमान है. इसमें 19 डिपार्टमेंट शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि हमें चिंता है क्योंकि पैसे की जरूरत काफी ज्यादा है. साथ ही इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने की कोशिश की जाएगी.
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