संसद के बजट सत्र के बीच विपक्षी दलों की ओर से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर बवाल मचा है. इस बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा में सांसद अभिषेक बनर्जी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि टीएमसी को ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने से संबंधित नोटिस पर साइन करने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन ऐसा कोई भी बड़ा कदम उठाने से पहले एक बार विपक्षी दलों को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर अपने शिकायतों को बताना चाहिए था.
पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर से लोकसभा में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार (10 फरवरी, 2026) को संसद परिसर में इस बारे में मीडिया से बातचीत की. उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से लोकसभा स्पीकर के पद से ओम बिरला को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने से पहले उन्हें एक मौका दिया जाना चाहिए था.
विपक्ष ने लोकसभा महासचिव को सौंपा ओम बिरला के खिलाफ नोटिस
दरअसल, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व वाले विपक्ष ने ओम बिरला को लोकसभा अध्यक्ष के पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाने से संबंधित नोटिस लोकसभा महासचिव को सौंपा है. सदन महासचिव को दिए गए नोटिस में विपक्ष ने ओम बिरला पर आरोप लगाया है कि ओम बिरला पक्षपात करते हुए सदन की कार्यवाही चलाते हैं, कांग्रेस पार्टी के सांसदों पर झूठे आरोप मढ़ते है और अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हैं.
ओम बिरला को तीन दिनों का दिया जाना चाहिए- बनर्जी
अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘TMC के सभी 28 सांसद अविश्वास प्रस्ताव के लिए जारी नोटिस पर साइन कर देंगे. इसमें कहीं कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन इतना बड़ा कदम उठाने से पहले हम चाहते हैं कि इंडिया गठबंधन के सभी पार्टियां लोकसभा अध्यक्ष को एक खत लिखें और उस खत में विपक्ष उन सभी चार मुद्दों का विस्तार से जिक्र करे, जिस पर उन्हें आपत्ति है. इसके लिए उन्हें तीन दिनों का समय दिया जाना चाहिए.’
उन्होंने कहा, ‘अगर उन तीन दिनों में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की तरफ से इस मुद्दों पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं आता है, तो उसके बाद उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है.’
(रिपोर्ट- पीटीआई के इनपुट के साथ)
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