यूएस-इजरायल ने ईरान पर मिलिट्री स्ट्राइक की. इसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई. एकट्रेस मंदाना करीमी जो ईरान में पैदा हुईं और अब भारत में रह रही हैं. उन्होंने ईरान के लोग जो दशकों से परेशानी झेल रहे थे उसके बारे में बात की है.
मंदाना करीमी ने किया रिएक्ट
NDTV से बातचीत में मंदाना ने कहा, ‘सालों से ईरान के लोग वहां प्रोटेस्ट कर रहे थे. हमने लोगों को खोया है. हमनें मां, बच्चे, यूनिवर्सिटीज को खोया है, लिस्ट लंबी है. कोई भी मौत को सेलिब्रेट नहीं करता लेकिन ये शासन, उन लोगों ने जो हमारे साथ किया, मुझे यकीन है कि आपने पिछले कुछ महीनों के वीडियोज देखे होंगे. 8 जनवरी, 9 जनवरी जब 1000 लोगों का मर्डर किया गया. ईरानियों ने अपने ही लोगों की मौत पर नाचना और जश्न मनाना शुरू कर दिया था. मेरा खुद का परिवार, मेरे दोस्त जब वो मुझे कॉल करते थे तो कहते थे तुम्हें पता है कितने लोग मर गए.’
आगे उन्होंने कहा, ‘हम लोग अब सेलिब्रेट करेंगे क्योंकि कई सालों से हम दुनिया से कह रहे थे कि प्लीज हमारी मदद करें. ये सरकार मिडिल ईस्ट में कैंसर की बीमारी की तरह थी. जब आप उनके अटैक देखते हैं, ये मिडिल ईस्ट के अंदर हो रहा है. ये प्लान्ड और ऑर्गेनाइज्ड नहीं है. वो रेस्टोरेंट्स पर अटैक कर रहे हैं. और हमें भी ऐसा ही लगता है. हम 48 साल से ज्यादा समय से लड़ रहे हैं. ईरान में 1979 से इस्लामिक रिपब्लिक की सरकार है.’
इसके अलावा मंदाना ने कहा कि इंडिया में जो ईरान की सरकार के सपोर्ट में प्रोटेस्ट हो रहे हैं उन्हें देखकर में दुखी हूं. मंदाना ने कहा, ‘अभी मेरा दिल बहुत टूट गया है क्योंकि जो प्रोटेस्ट हो रहा है इंडिया में वो वहां की उस सरकार के सपोर्ट में हैं. मैं दो हफ्ते पहले कैंडललाइट प्रोटेस्ट करने गई थी मेरे लोगों के लिए और मुझे परमिशन नहीं मिली.’
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