भारत-अफ्रीका मैच फिक्सिंग, 24 साल बाद मामले ने लिया नया मोड़; 4 आरोपियों के खिलाफ चला मुकदमा

भारत-अफ्रीका मैच फिक्सिंग, 24 साल बाद मामले ने लिया नया मोड़; 4 आरोपियों के खिलाफ चला मुकदमा


India South Africa Match Fixing 2000: दक्षिण अफ्रीकी टीम ने साल 2000 में भारत का दौरा किया था. दोनों देशों के बीच 2 टेस्ट और पांच वनडे मैच खेले गए थे, लेकिन यह दौरा मैच फिक्सिंग मामले के कारण आज तक चर्चा का विषय बना हुआ है. अब इस मामले में नया अपडेट सामने आया है. बुधवार को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने राजेश कालरा, संजीव चावला, कृष्ण कुमार और सुनील दारा पर मुकदमा चलाया है. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा प्रिया ने औपचारिक तौर पर इन लोगों के खिलाफ आरोप तय किए थे, लेकिन उन्होंने आरोपों से इनकार किया और मुकदमा चलाने का दावा किया.

कोर्ट ने 14 अक्टूबर को मिले सबूतों के आधार पर मुकदमे को आगे बढ़ाने की मंजूरी दी है. इसके अलावा कुछ गवाहों को गवाही देने के लिए सम्मन भेजा गया था. इस मामले में दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटर हैंसी क्रॉन्ज पर भी आरोप लगे थे, लेकिन उनका साल 2002 में निधन हो गया था. वहीं दूसरा आरोपी मनमोहन खट्टर फरार है. 11 जुलाई को कोर्ट ने चार व्यक्तियों के खिलाफ आरोप तय किए थे, जिनमें बुकी संजीव चावला, टी सीरीज के कृष्ण कुमार और 2 अन्य व्यक्ति शामिल हैं. यह भी बताया गया कि इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड संजीव चावला हैं.

तत्कालीन दक्षिण अफ्रीकी कप्तान हैंसी क्रॉन्ज पर भी साल 2000 में आरोप लगाए गए थे, लेकिन निधन के बाद उनपर मामला रोक दिया गया था. याद दिला दें कि साल 2000 में दिल्ली पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज की थी, वहीं 2013 में 6 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई थी. कोर्ट ने कहा कि सभी घटनाओं, कॉल रिकॉर्ड, आर्चरण और आसपास की परिस्थितियां मिलीभगत को दर्शाती हैं. इन सभी घटनाओं को एकसाथ जोड़ा गया और आरोप तय किया गया कि राजेश कालरा, कृष्ण कुमार, सुनील दारा और संजीव चावला मिलकर मैच फिक्सिंग की घटना को अंजाम दे रहे थे. संजीव चावला को चीटिंग के मास्टरमाइंड की संज्ञा दी गई है

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