भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका सुपर-8 मैच में डेवाल्ड ब्रेविस चर्चा का विषय बन गए हैं. उन्होंने ऐसा बल्ला घुमाया कि गेंद 82 मीटर दूर बाउंड्री रेखा के पार जाकर गिरी. यह नो-लुक शॉट इसलिए भी खास रहा क्योंकि उन्होंने विश्व के नंबर-1 गेंदबाज, यानी वरुण चक्रवर्ती के खिलाफ यह कारनामा किया है. दक्षिण अफ्रीका ने सुपर-8 के मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए 187 रन बनाए.
यह मामला दक्षिण अफ्रीकी पारी के 9वें ओवर का है. वरुण चक्रवर्ती अपने स्पेल का दूसरा ओवर फेंकने आए. ओवर की पहली 4 गेंदों पर 11 रन आ चुके थे. पांचवीं गेंद पर डेवाल्ड ब्रेविस ने सामने की ओर बल्ला घुमाया और गेंद को देखा ही नहीं कि वह बाउंड्री के पार जाएगी या नहीं. वरुण चक्रवर्ती को इस ओवर में 17 रन पड़े थे. मगर यह नो-लुक शॉट होता क्या है?
क्या होता है नो लुक शॉट?
नो लुक शॉट बल्लेबाज के आत्मविश्वास को दर्शाता है. जब बल्लेबाज गेंद को मिडिल करके दमदार शॉट लगाए और शॉट लगाने के बाद अपना सिर नीचे की ओर रखे. डेवाल्ड ब्रेविस ने भी ऐसा ही किया, गेंद किसी गोली की रफ्तार से उनके बल्ले से नीली और सीधी बाउंड्री रेखा के पार जाकर गिरी. शॉट लगाने के बाद ब्रेविस ने अपना सिर नीचे रखा क्योंकि वो जानते थे कि गेंद छक्के पर जा रही है.
Throwback when CSK blood Dewald Brevis cooked 🔥 world’s number one bowler Varun with his no look shot 💉 🔥pic.twitter.com/6j7mt11JC2
— Troll Ms Haters (@msdforlife07) February 22, 2026
किसने की थी शुरुआत?
नो-लुक शॉट से कई बल्लेबाजों का नाम जोड़ा जाता है. वेस्टइंडीज के आन्द्रे फ्लेचर अक्सर अंतर्राष्ट्रीय और लीग क्रिकेट में नो-लुक शॉट लगाते देखे जाते हैं. मगर एमएस धोनी का भी वीडियो बार-बार सामने आता रहता है जब उन्होंने 2009 में न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में नो-लुक शॉट लगाया था. अफगानिस्तान के राशिद खान के अलावा पाकिस्तान के सैम अयूब भी नो लुक शॉट को विश्व पर लोकप्रियता दिला रहे हैं.
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