शाहिद कपूर की अपकमिंग फिल्म ‘ओ रोमियो’ अपनी रिलीज से पहले ही कानूनी पचड़े में फंस गई है. दिवंगत पत्रकार और एनकाउंटर इंफॉर्मर हुसैन शेख उर्फ ‘हुसैन उस्तरा’ की बेटी सनोबर शेख ने मुंबई सिटी सिविल कोर्ट में फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है. उनका कहना है कि फिल्म उनके पिता के जीवन पर आधारित है और उनके बिना अनुमति के इस्तेमाल से उनके पिता की इज्जत पर सवाल उठ रहा है.
पिता की छवि पर आरोप
सनोबर शेख का दावा है कि फिल्म में उनके पिता के व्यक्तित्व का गलत और अपमानजनक तरीके से चित्रण किया गया है. याचिका में बताया गया कि फिल्म के टीजर और प्रोमो इसे ‘सच्ची घटनाओं’ पर आधारित बताते हैं जो सीधे तौर पर हुसैन उस्तरा के डी-कंपनी के खिलाफ मुखबिरी वाले अतीत से मेल खाते हैं. उनके अनुसार उनके पिता की जिंदगी और छवि परिवार की विरासत है और इसे बिना अनुमति के व्यावसायिक फायदा उठाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है.
मुकदमा और आरोप
ये मुकदमा फिल्म निर्माता साजिद नाडियाडवाला और फिल्म से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ दायर किया गया है. एडवोकेट डी.वी. सरोज के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया कि हुसैन शेख एक कानून मानने वाले नागरिक थे जिन्होंने कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद की है. याचिका में आरोप है कि फिल्म उन्हें ‘अपमानजनक’ तरीके से दिखाती है जिससे परिवार को सामाजिक बहिष्कार या आलोचना का सामना करना पड़ सकता है.
निर्माताओं का जवाब
इससे पहले जब सनोबर शेख ने कानूनी नोटिस भेजे थे तो फिल्म के निर्माताओं ने जवाब दिया कि फिल्म पूरी तरह काल्पनिक है. उनका कहना था कि किसी भी व्यक्ति से समानता महज एक संयोग है और इसके लिए किसी की सहमति की आवश्यकता नहीं है. बावजूद इसके सनोबर शेख ने कोर्ट में फिल्म की थिएटर, टीवी और ओटीटी रिलीज पर स्थायी रोक लगाने की मांग की है.
सुनवाई और रिलीज की जानकारी
मुंबई सिटी सिविल कोर्ट इस मामले पर 6 फरवरी को सुनवाई करेगी. वहीं फिल्म की आधिकारिक रिलीज डेट 13 फरवरी तय है. सनोबर शेख का कहना है कि फिल्म की रिलीज उनके पिता के ‘निजता के अधिकार’ का उल्लंघन है और ये एक मृत व्यक्ति के चरित्र को खराब करने की कोशिश है.
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